Karmkand

हिन्दुओं में विभिन्न अवसरों पर की जाने वाली पारम्परिक पूजा-ऋचा का क्रियात्मक रूप कर्मकांड कहलाता है। नकश्चिद्वेद च वेदसमन्र्ता चतुर्मुखः। नकश्चिद्वेदकर्ता च वेद स्मर्ता चतुर्मुखः।। वेद को बनाने वाला कोई नहीं है।...

Jyotish

ज्योतिषं सूर्यादि ग्रहाणां बोधकं शास्त्रम् अर्थात् सूर्यादि ग्रहों के विषय में ज्ञान कराने वाले शास्त्र को ज्योतिष शास्त्र कहते है। इसमें प्रधानतः ग्रह, नक्षत्र, धूमकेतु आदि ज्योतिः पदार्थो का स्वरूप,...

Chintan(Meditation)

'भीतर से जाग जाना ध्यान है। सदा निर्विचार की दशा में रहना ही ध्यान है।' - ओशो तत्र प्रत्ययैकतानता ध्यानम।। 3-2 ।।-योगसूत्र अर्थात- जहां चित्त को लगाया जाए उसी में...

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बात कर्मकांड की हो, ज्योतिष की हो या फिर चिंतन (Meditation) की हो, सभी में पर्याप्त रूचि और ज्ञान रखने वाले आचार्य विनोद जी के इस वेब पोर्टल पर आपका अभिनन्दन है | यहाँ आप विनोद जी से, अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में अपने प्रश्न रख सकते...

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